Tuesday, December 21, 2021

बस यूं ही
💐💐💐💐💐
सपनो के आकाश में
चिर परिचित
मेहमान
आशाओ के ,
आकांक्षाओं के |

मन के समुंदर में
ढेर सारे मोती
खुशियों के ,
आंसुओ के |

तन के ठिकाने में
एक नई सुबह ,
एक उनींदी शाम
जागती हुई रात |

सपने
मन
तन
जिन्दगी से जुड़े
या कि ?
जिन्दगी
सपनों से
मन से
तन से
जुडी ?

1 टिप्पणियाँ:

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बड़ा घालमेल है जी , तन मन ज़िन्दगी से या ज़िन्दगी तन मन सपनों से ।
ब्लॉग को पानी देते रहें । यही हमारा असली परिचय है ।।