Thursday, July 30, 2009
परिवर्तन
›
बहुत सालो पहले शायद २० साल पहले मैंने यह व्यग्य लिखा था कही भी प्रकाशित नही हुआ था |उस समय सत्ता में परिवर्तन की लहर चली थी और उसी से प्रेरि...
8 comments:
Friday, July 24, 2009
निमित्त
›
मै ही सीता हूँ जिसे अपनी मर्यादा को बचाने केलिए वन भेज दिया मैही शूर्पनखा हूँ जिसे तुमने प्रणय निवेदन करने पर क्षत विक्षत कर दिया मै ही...
16 comments:
Monday, July 20, 2009
रेल की पटरी
›
सूर्य देवता फिर अपने नियत समय पर आगमन कर चुके थे .उनकी रश्मिया चारो और छा गई थी | बाहर की हलचल साफ सुनाई देने लगी थी| दूध वालो कि सायक...
13 comments:
Sunday, July 19, 2009
ऐसा क्यों है ?
›
कभी कभी दिमाग में , और मन में हमेशा कुछ प्रशन उठते रहते है कि लोगो कि जिन्दगी और उनसे जुड़े कार्यो में इतना विरोधाभास क्यों है ? ऐसा क्य...
13 comments:
Saturday, July 11, 2009
बचपन तो जी लेने दो
›
कौनसी श्रेणी ? अभी दो दिन पहले समाचार था की १४ वर्ष से कम के बच्चे बाल श्रम (बाल श्रम कानून हम सब जानते है)कानून के अंतर्गत आते है |यह कानू...
8 comments:
Thursday, July 09, 2009
अपनी बात
›
सालो बाद मेरी पुरानी सहेली से मुलाकात हुई | कुशल क्षेम पूछने के बाद आदतन मैंने अपनी ताना मारने वाली शैली में पूछ ही ल...
15 comments:
Wednesday, July 08, 2009
›
राखी का स्वयंबर "बाजारवाद की अतिरंजना "
1 comment:
Tuesday, July 07, 2009
गुरू प्रणाम
›
गुरू पूर्णिमा के शुभ अवसर पर ब्लॉग जगत के सभी लोगो को हार्दिक शुभकामनाये | और इसी अवसर पर प्रत्यक्ष ,अप्रत्यक्ष रूप से ब्लॉग लिखने की , पढ़...
6 comments:
Saturday, July 04, 2009
क्या आप मेरा साथ देगें ????????
›
मै लिखती रही चाँद सितारों पर मै लिखती रही समुंदर के किनारों पर मै भरती रही पन्ने मजदूर के पसीने की फुहारों पर ! मै लिखती रही बदलती सरकारों ...
10 comments:
Thursday, July 02, 2009
मानसून को आने तो दीजिये
›
आज के अख़बार में देखा मानसून की चर्चा ,ब्लॉग में मानसून की चर्चा अभी तो सिर्फ़ फुहारे आई है अभी तो धरती बहूत प्यासीहै |हम थोड़े से में ख...
5 comments:
‹
›
Home
View web version