Sunday, August 03, 2025
बरसाती नदी
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"किताबों की खिड़की " ये कैसी बयार चली है? की किसानों की किसानी लापता सी हो गईं है। सुनते है रोजगार नहीं है क्योंकि मनपसंद नौकरी...
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Friday, July 29, 2022
नन्हा शिशु
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माँ दे रही शिशु को अपनी साँसे माँ पुलक रही अपने शिशु की साँसों से नवयौवना हो, प्रौढा हो, या वृद्धा हो माँ की साँसे महकती है सिर्फ अपने शिशु...
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अमाड़ी की भाजी
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हमारे यहाँ किसी जमाने मे गांवों में सिर्फ ज्वार की रोटी ही खाई जाती थी।क्योंकि तब खेतों में खरीब की फसल में ज्वार मूंग,चवला और अरहर की दाल ...
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एक शाम में कुछ यू ही ......... रात उतरती गई ,बाते सुलगती गई सपने हवा हुए ,चादर छोटी हुई अंगड़ाई ने मुस्कुराने का प्रयत्न किया जिन्दगी को चल...
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Wednesday, October 27, 2021
यादों की पोटली
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#यादोंकी पोटली -3 "दीपावलीआप सबके जीवन मे अनन्त खुशियां लाये अनेकानेक शुभकामनाये।" अंतिम किश्त खूब आड़ी तिरछी रांगोली बनाते ।मौसम म...
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Monday, March 01, 2021
सूखा पेड़
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तुमने देखा है मुझे हरा भरा वो मेरा सिंगार किया था प्रकृति ने मेरी छाँव में सुख पाया ऐसा तुम कहते हो मैंने तुम्हारी भूख मिटाई ऐसा भी तुम ह...
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Saturday, February 13, 2021
बस कुछ यूं ही
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बस कुछ यूं ही 💐💐💐💐💐💐 विचारों का दरख़्त खोखला हुआ चला है जड़ें भी सिमटने लगी है मैं महान हूँ इसी भ्रम में, पीछे लगी कतार को झुठला न सके ...
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Monday, December 14, 2020
ओतस इडली
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#मैं मेरी#रसोई और मेरी कहानी पोस्ट 8 इधर कई दिनों से तबियत खराब थी तो चाहकर भी रसोई की कहानी लिख न पाई। इस बार कहानी कुछ यूँ है जब मुम्बई म...
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Monday, September 28, 2020
मेरी रसोई की कहानी
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मेरी रसोई की कहानी हम मध्यम वर्ग की गृहिणियों में कोई भी चीज का नुकसान न होने देने की आम बीमारी होती है। ये ठीक उसी तरह होती है जैसे कोई भ...
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Thursday, July 23, 2020
पचपन पार की औरते
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नारी दिवस पर 💐💐💐💐 55 पार की औरते 55 के पार की औरतें शीशे में अपना अक्स देखने में सकुचाती है अपना आत्म विश्वास खोने लगती है जब जिसकी अर्...
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