आप एक शाम के भीतर पूरी ज़िंदगी की हलचल दिखा देते हैं। रात का उतरना और बातों का सुलगना मुझे बहुत सच्चा लगा। सपनों का हवा हो जाना और चादर का छोटी लगना रोज़मर्रा की थकान से जुड़ जाता है।
आप एक शाम के भीतर पूरी ज़िंदगी की हलचल दिखा देते हैं। रात का उतरना और बातों का सुलगना मुझे बहुत सच्चा लगा। सपनों का हवा हो जाना और चादर का छोटी लगना रोज़मर्रा की थकान से जुड़ जाता है।
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