अभिव्यक्ति
Wednesday, June 30, 2010

सरपंच पत्नी ,सरपंच पति

›
आज के २० साल पहले जब उनके पति सरपंच थे ,तब भी वो आगंतुको को दिन भर चाय नाश्ता करवाती थी और आज जब ५८ साल की उम्र में खुद सरपंच है तब भी आग...
28 comments:
Tuesday, June 29, 2010

पिछड़ापन

›
विचार तो बहुत से मन में आ रहे है, पर अपनी ही व्यस्तताओ में उन्हें शब्द नहीं दे पा रही हूँ तो आज मेरी ही एक पुरानी पोस्ट फिर से पोस्ट कर रही...
21 comments:
Thursday, June 17, 2010

आओ धरती में बीज डाल दे

›
आषाढ़ की पहली बदली बरस चुकी है कृषक की आस जाग चुकी है | आओ बुवाई कर ले सद्य नहाये खेत में | नन्ही बिटिया ...
18 comments:
Tuesday, June 15, 2010

"चतुर चिड़िया '

›
अभी कुछ तीन चार दिन पहले चंद्रभूषण जी के ब्लाग " पहलू "पर "सुनो ,चिड़िया कुछ कहती है "बहुत ही प्यारा सा और पक्षियों के ...
19 comments:
Tuesday, June 08, 2010

"सवेदनाओ की राख "लघु कथा

›
प्रोफ़ेसर साहब के घर में आज सुबह से ही बधाइयों के फोन पर फोन आ रहे थे घर में जितने मोबाईल थे बारी बारी से बजे जा रहे थे | प्रोफ़ेसर साहब की...
21 comments:
Sunday, June 06, 2010

"कुछ चटपटा हो जाय "

›
अभी अभी बारिश ( मानसून पूर्व ) हो चुकी है | उमस बढती जा रही है अभी पकोड़े खाने का तो मौसम नहीं आया तो चलिए आपको आज ...
15 comments:
Tuesday, May 18, 2010

गर्मी में महकता मोगरा

›
गर्मी में लदी है मोगरे की डालियाँ गर्मी में फैली है, हर तरफ आमो की खुशबू तरबूजो की ,खरबूजो की बहार है लीची ,शहतूतो ,जामुनो की भरमार है फिर ...
17 comments:
Monday, May 03, 2010

रिटायर मेंट और स्वामीजी का नजरिया ..........

›
`ट्रेन से जैसे ही उतरते है सामान लेकर| तुरंत कुली आता है . कितना लोगे ?चार डाक (नग )का ?कुली अपने सर पर रखने वाला वाला कपडा अपने ही ह...
19 comments:
Friday, April 30, 2010

गाजर घास

›
मेरा अहं ये अहं न चाहते हुए भी कब उग जाता है ? मेरे अन्दर गाजर घास की भांति बहुत पहले, ज्ञान न था गाजर घास का ? जब उगते देखा तो खुश हुई चल...
15 comments:
Tuesday, April 27, 2010

"अयोध्या "

›
अयोध्या के बारे में" रामचरित मानस" के आलावा बहुत कुछ लिखा जा चुकाहै | अपनी अल्प बुद्धि से जो कुछ समझ आया आप सबसे बाँट रही हूँ | द...
18 comments:
‹
›
Home
View web version

About Me

शोभना चौरे
वेदना तो हूँ पर संवेदना नहीं, सह तो हूँ पर अनुभूति नहीं, मौजूद तो हूँ पर एहसास नहीं, ज़िन्दगी तो हूँ पर जिंदादिल नहीं, मनुष्य तो हूँ पर मनुष्यता नहीं , विचार तो हूँ पर अभिव्यक्ति नहीं|
View my complete profile
Powered by Blogger.