Sunday, June 06, 2010

"कुछ चटपटा हो जाय "



अभी अभी बारिश(मानसून पूर्व )हो चुकी है |उमस बढती जा रही है अभी पकोड़े खाने का तो मौसम नहीं आया तो चलिए आपको आज सूजी का ढोकला ही खिला देते है जो झटपट बन जाता है |

इंस्टेंट "सूजी का ढोकला "

सामग्री -२५० ग्राम सूजी भुनी हुई, / लीटर छाछ खट्टी वाली ,चार हरी मिर्च ,एक छोटा टुकड़ा अदरक ,एक चाय का चम्मच चीनी ,एक चुटकी हिंग , स्वादानुसार नमक ,आधा चम्मच राई ,एक पाउच इनो पाउडर ,दो बड़े चम्मच तेल |
हल्दी इच्छानुसार डालना हो तो | १० से १२ मीठे नीम की पत्ती |

चटनी की सामग्री ; हरा(गीला) नारियल आधा, चने की दाली भुनी हुई एक बड़ा चम्मच , दो हरी मिर्च ,,एकछोटा टुकड़ा अदरक एक कटोरी ताजा दही नमक स्वादानुसार |
ढोकला बनाने की विधि - अदरक मिर्च दरदरा पीस ले |छाछ में सूजी अदरक मिर्ची का पेस्ट .नमक ,चीनी मिलकर अच्छी तरह फेंट ले |ढोकले के बर्तन में पानी भरकर गर्म होने रख दे |इडली पात्र में भी बना सकते है |जब पानी उबलने लगेतब ढोकले के मिश्रण में इनो मिला दे और बर्तन में या इडली के सांचे में थोडा हाथ से तेल लगा कर मिश्रण उसमे डाल दे और १० मिनट तक पकाए |फिर गैस बंद कर दे |ठन्डे होने पर ढोकला के छोटे -छोटे टुकड़े काट ले चाकू की सहायता से फिर उन्हें छौक दे |
एक कडाही में दो चम्मच तेल डालकर तेल गर्म करें उसमे हिंग ,राई ,मीठा नीम डाल दें और टुकड़े किये हुए ढोकले डाल दें |ऊपर से गीला कसा नारियल और बारीक़ कटी हरी धनिया डाल दें |

चटनी की विधि -नारियल के छोटे टुकड़े कर के या कद्दूकस कर ले उसी में हरी मिर्च, अदरक ,भुनी दाल नमक और दही मिलकर बारीक मिक्सी में पीस लें |

बस तो तैयार है सुबह के नाश्ते में पौष्टिक ढोकला और चटनी |

15 टिप्पणियाँ:

ज्योति सिंह said...

bahut sundar tarike se vidhi likhi hai ,tasvir dekh munh me paani aane laga ,ye blog ab swad bhara bhi ho gaya .ek naya roop liye .hum iska fayda avshya uthayenge .banayenge ,khilayenge .

shikha varshney said...

चित्र देख मुंह में पानी आ गया.

मनोज कुमार said...

हो जाए कुछ चटपटा। सीख लिया। अब जाता हूं उनके लिए बनाने।

राज भाटिय़ा said...

मेरी तो समझ मै नही आया,बीबी को पढवाऊंगा, ओर फ़िर बनबाऊगा.... ओर फ़िर खाऊगां तभी बतऊंगा केसा लगा. धन्यवाद:)

Manoj K said...

wife ko printout de diya hai.. hamare yahan dhokla sirf besan ka banta hai,,

wife shoukeen hai banane aur khilane mein..

बेचैन आत्मा said...

अब खाना तो पड़ेगा ही....

वाणी गीत said...

मेरे बच्चों को बहुत पसंद है यह ढोकला ...
तस्वीर आकर्षक है ...!!

दिगम्बर नासवा said...

पानी आ गया फोटो देख कर .. हमारे दुबई में तो बारिश इस मौसम में नही होती ...

kshama said...

Man ban raha hai ise banane ka!

शोभना चौरे said...

bna hi lijiye kshmaji fir btaye kaise lge .

aap sbhi ka dhnywad

PKSingh said...

bahut majedar hai bas kal try karooga ..kabhi -kabhi man layak cheese dikh hi jati hai.bahut dino se ye khane ka man kar raha tha ..bahut-ahut dhanywad is item ke liye.

अल्पना वर्मा said...

क्या बात है!
इत्ती बढ़िया डिश खिला रही हैं दी आज ..यह तो केलोरी नियंत्रण वालों के लिए भी खास रहेगी..जिन्हें पकोडे नहीं खाने हैं..

यहाँ तो तूफान आया है बारिश के नाम पर बस गिनती की बूंदे पड़ी हैं..गिन रही हूँ .बताती हूँ कितनी पड़ीं ..:)

सतीश सक्सेना said...

लेख पढ़ कर ही मुंह में पानी आ गया !!बेहतर शैली के लिए शुभकामनायें !

रचना दीक्षित said...

माफ़ कीजियेगा देर से आई पर क्या करूँ पहले ढोकला बनाया फिर खाया, हजम किया उसके बाद ही आ सकती थी न बताने को की कैसा बना सो अच्छा बना था धन्यवाद

ज्ञानदत्त पाण्डेय Gyandutt Pandey said...

बहुत बढ़िया बताया आपने। आज शाम पत्नीजी को कहता हूं। उसमें शायद हम बारीक कटी हरी सब्जी भी मिला सकेंगे पौष्टिकता के लिये!