Saturday, October 09, 2010

"नवरात्रि और आभार "

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता :
नमस्तस्यै ,नमस्तस्यै ,नमस्तस्यै नमो नम:

शक्ति कि उपासना के दिन मे और इन मंगलमय दिनों में आपके और आपके पूरे परिवार का हर दिन मंगलमय हो ऐसी शुभकामना करती हूँ |इसी अवसर पर मेरी पिछली पोस्ट "बाबूजी को श्रद्धांजली "और "डायरी के पन्ने "पर आप सभी का जो अमूल्य स्नेह का उपहार मिला है उसके लिए मै ह्रदय से आभारी हूँ |
कभी लगता है हमारे बीते हुए कल कि क्या बात करना ?और लोग कहते भी है बुजुर्गो के पास अतीत कि बखान करने के सिवाय और है ही क्या ?किन्तु ब्लाग जगत में आने के बाद लगता है कि एक दूसरे के संस्मरण पढ़कर हमारे अपनों का संसार और विस्तृत हो गया है |भले ही हम सशरीर हर जगह उपस्थित नहीं हो सकते या वो उपस्थित नहीं हो सकते
किन्तु विचारो से तो दिशा मिल ही जाती है और नाता जुड़ जाता है |
आभार है ब्लाग जगत का जिसके कारण हम इतने लोगो से विभिन्न विषयों पर जुड़ते है जिसमे किसी पर सहमती होती है किसी पर नहीं ?किन्तु फिर भी लगता है अरे !
हम
भी तो यही कहना चाहते है |
बरसो से हम अपने प्राचीन साहित्कारो ,कवियों कि रचनाये पढ़ते आये है आज भी उतनी ही प्रासंगिक है और प्रेरणा देती है |ब्लाग में त्वरित प्रतिक्रिया बहुत कुछ लिखने को प्रेरित करती है और लेखन क्षमता को निखरती जाती है ऐसा मै मानती हूँ |
शक्ति उपासना के दिनों में भारत कि वीरांगनाओ को ,भारत कि अनेकानेक उन महिलाओ को जिन्होंने संघर्ष कर अपने जीवन को सार्थक किया है विभिन्न क्षेत्रो में उन्हें कोटि -कोटि नमन |
इसी अवसर पर मेरे घर काम करने वाली आशा ,ज्योति जैसी अनेक शक्तियों के लिए मेरा सर श्रद्धा से झुक जाता है ,जो इसलिए काम करती है कि अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा दे सके और इसीलिए वो उपवास रखकर दिन भर काम करके शक्ति लगाकर, शक्ति के लिए ,शक्ति कि उपासना कर रही है ......
नमन उनको भी |










23 टिप्पणियाँ:

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

नवरात्रि की शुभकामनायें ...और सच जो उपवास रखकर दिन भर काम करके शक्ति लगाकर, शक्ति के लिए ,शक्ति कि उपासना कर रही है ......
नमन उनको भी

प्रवीण पाण्डेय said...

आपको भी शुभकामनायें।

Apanatva said...

shubhkamnae........

Shekhar Suman said...

आपको नवरात्र की ढेर सारी शुभकामनाएं ...
मेरे ब्लॉग पर इस बार रश्मि प्रभा जी की रचनायें....

Patali-The-Village said...

आपको भी शुभकामनायें।

वाणी गीत said...

आपको भी नवरात्र की ढेरों शुभकामनायें ...!

अल्पना वर्मा said...

संस्मरण पढ़ना हमेशा ही भाता है और अतीत कभी कभी लुभाता भी है.आप यूँ ही लिखती रहें.
आप ने बहुत सही कहा कि भले ही हम सशरीर हर जगह उपस्थित नहीं हो सकते या वो उपस्थित नहीं हो सकते
किन्तु विचारो से तो दिशा मिल ही जाती है और नाता जुड़ जाता है |'
बहुत सही!
***आपको भी नवरात्रि की शुभकामनायें .

डा. अरुणा कपूर. said...

नवरात्री की हार्दिक शुभकामनाएं, शोभनाजी!

अनामिका की सदायें ...... said...

नवरात्रि की शुभकामनाएं
आपकी बातों से सहमत हूँ.
बहुत मन को हल्का करता है ये आभासी संसार.

अशोक बजाज said...

बढ़िया पोस्ट , आभार .

कृपया सुझाव दें - -
" किताबों का डिजिटलाइजेशन "

Manoj K said...

नवरात्री की शुभकामनाएँ..
ब्लॉग ने कई आत्मीय रिश्ते जोड़ दिए हैं.. मेरे एक मित्र ब्लॉगर कहते हैं,

बिल्कुल सही लगता है अब कुछ समय बिताने के बाद

वन्दना अवस्थी दुबे said...

बहुत बढिया पोस्ट. सच है, ये सब कर्म की देवी हैं.

PARAM ARYA said...

९९- जो अद्वैत सत्य ईश्वर है.- यो० प० १७, आ० ३
( समीक्षक ) जब अद्वैत एक ईश्वर है तो ईसाईयों का तीन कहना सर्वथा मिथ्या है . ॥ ९९ ॥
इसी प्रकार बहुत ठिकाने इंजील में अन्यथा बातें भरी हैं. सत्यार्थ प्रकाश पृष्ट ४१४, १३वां समुल्लास
परम विचार - यह देखो ऋषि का चमत्कार. इसे कहते हैं गागर में सागर. यह थोड़े से शब्द तेरी पूरी पोस्ट पे भारी हैं.
पादरी तूने क्या चखा है यह तेरे उत्तर से स्पष्ट हो जायेगा. तेरे पे ज्ञान की आत्मा उतरती हो तो दे इसका जवाब.

ZEAL said...

.

शोभना जी,

बहुत सुन्दर विचार रखे आपने। हमारे घरों में काम करने वाली महिलाओं की अथक मेहनत जो वो अपना घर चलाने के लिए करती हैं, वो निश्चय ही स्तुत्य है।

इस सुन्दर पोस्ट के लिए आपका आभार।

.

राज भाटिय़ा said...

नवरात्रो की आपको भी शुभकामनायें।

अजय कुमार झा said...

आदरणीय शोभना जी ’
सादर नमस्कार । नवरात्रि के अवसर पर इससे बढकर सार्थक पोस्ट कोई और हो ही नहीं सकती । आप सबको भी बहुत बधाई और शुभकामनाएं

शरद कोकास said...

धन्य हैं ।

अजय कुमार said...

नवरात्रि की शुभकामनायें ।

shikha varshney said...

नवरात्रि की शुभकामनायें ...और सच जो उपवास रखकर दिन भर काम करके शक्ति लगाकर, शक्ति के लिए ,शक्ति कि उपासना कर रही है ......
नमन उनको भी

आशीष/ ਆਸ਼ੀਸ਼ / ASHISH said...

शोभना माँ,
नमस्ते!
नवरात्रो की आपको भी शुभकामनायें।
आशीष
--
प्रायश्चित

Umra Quaidi said...

लेखन के लिये “उम्र कैदी” की ओर से शुभकामनाएँ।

जीवन तो इंसान ही नहीं, बल्कि सभी जीव जीते हैं, लेकिन इस समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, मनमानी और भेदभावपूर्ण व्यवस्था के चलते कुछ लोगों के लिये मानव जीवन ही अभिशाप बन जाता है। अपना घर जेल से भी बुरी जगह बन जाता है। जिसके चलते अनेक लोग मजबूर होकर अपराधी भी बन जाते है। मैंने ऐसे लोगों को अपराधी बनते देखा है। मैंने अपराधी नहीं बनने का मार्ग चुना। मेरा निर्णय कितना सही या गलत था, ये तो पाठकों को तय करना है, लेकिन जो कुछ मैं पिछले तीन दशक से आज तक झेलता रहा हूँ, सह रहा हूँ और सहते रहने को विवश हूँ। उसके लिए कौन जिम्मेदार है? यह आप अर्थात समाज को तय करना है!

मैं यह जरूर जनता हूँ कि जब तक मुझ जैसे परिस्थितियों में फंसे समस्याग्रस्त लोगों को समाज के लोग अपने हाल पर छोडकर आगे बढते जायेंगे, समाज के हालात लगातार बिगडते ही जायेंगे। बल्कि हालात बिगडते जाने का यह भी एक बडा कारण है।

भगवान ना करे, लेकिन कल को आप या आपका कोई भी इस प्रकार के षडयन्त्र का कभी भी शिकार हो सकता है!

अत: यदि आपके पास केवल कुछ मिनट का समय हो तो कृपया मुझ "उम्र-कैदी" का निम्न ब्लॉग पढने का कष्ट करें हो सकता है कि आपके अनुभवों/विचारों से मुझे कोई दिशा मिल जाये या मेरा जीवन संघर्ष आपके या अन्य किसी के काम आ जाये! लेकिन मुझे दया या रहम या दिखावटी सहानुभूति की जरूरत नहीं है।

थोड़े से ज्ञान के आधार पर, यह ब्लॉग मैं खुद लिख रहा हूँ, इसे और अच्छा बनाने के लिए तथा अधिकतम पाठकों तक पहुँचाने के लिए तकनीकी जानकारी प्रदान करने वालों का आभारी रहूँगा।

http://umraquaidi.blogspot.com/

उक्त ब्लॉग पर आपकी एक सार्थक व मार्गदर्शक टिप्पणी की उम्मीद के साथ-आपका शुभचिन्तक
“उम्र कैदी”

अमिताभ श्रीवास्तव said...

नवरात्रि की सीख भी यही है कि हम अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा दें..। शक्ति पूजा का अर्थ है कि देश को शक्तिशाली बनाये न कि स्वार्थगत होकर पूजा अर्चन करें।

sandhyagupta said...

दशहरा की ढेर सारी शुभकामनाएँ!!