Friday, December 24, 2010

महेश्वर किला (मध्य प्रदेश )

१८ वि सदी में सुप्रसिद्ध महिला शासक अहिल्या देवी ने महिलाओ को गौरवान्वित किया है |
इंदौर शहर से ९१ किलो मीटर की दूरी पर माँ नर्मदा के तट पर महेश्वर सुन्दर नगर बसा है जिसे महिष्मती भी कहा जाता है |इसी नगर में देवी अहिल्याबाई (होलकर ) के द्वारा बनाया हुआ किला तत्कालीन शिल्प का बेजोड़ नमूना है |
१८ वि सदी में सुप्रसिद्ध महिला शासक अहिल्या देवी ने महिलाओ को गौरवान्वित किया है |





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15 टिप्पणियाँ:

डा. अरुणा कपूर. said...

....यह जगह बहुत सुंदर है!..पुरानी याद ताजा हो गई शोभना जी!...यह किला मैने देखा है!...सुंदर प्रस्तुति!

संजय भास्कर said...

जगह बहुत सुंदर है!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत खूबसूरत किला ...सुन्दर जगह .

Kailash C Sharma said...

किले के बहुत सुन्दर चित्र..सुन्दर किले से परिचय कराने के लिए आभार

kshama said...

Bahut sundar tasveeren hain! Maheshwari sadiyan bhee mashhoor hain!

प्रवीण पाण्डेय said...

बड़े सुन्दर और मनोरम चित्र।

शोभना चौरे said...

हाँ क्षमाजी
महेश्वरी साडियां भी बहुत प्रसिद्द है |होलकर के वंशजो ने वहां की इस कला को को जीवित रखने के लिए बुनकरों के लिए rehwa सोसायटी की स्थापना की जो किआज भी किले में स्थित है जहाँ जरी की सिल्क की sadiyan बनती देखि जा सकती है |

ZEAL said...

इंदौर की यादें ताजा कर दीं आपने। मनभावन चित्रों से सजी इस पोस्ट के लिए आभार।

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर जानकारी ओर अति सुंदर चित्र, धन्यवाद

Sunil Kumar said...

सुन्दर किले से परिचय कराने के लिए आभार...

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

इतिहास के गलियारों में आपके साथ घूमना बड़ा ही अनमोल अनुभव रहा! शोभना जी, धन्यवाद!!

वाणी गीत said...

बहुत खूबसूरत किला है ..देखा था हमने भी
यहाँ तस्वीरें देख कर यादें ताजा हो गयी !

स्वप्न मञ्जूषा said...

वाह शोभना दी,
मन प्रसन्न हो गया, सच में !

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

जय हो! मन प्रसन्न हुआ!

सुज्ञ said...

नगर नियोजन व व्यवस्था चित्रों से ही उभर कर आ रही है. मानव का संयमित अवदान साथ हो तो प्रकृति नयनाभिराम बन जाती है.