Wednesday, January 20, 2010

बसंत











शीत
की बंद कोठरी के द्वार से
अंधेरो को उजाले में लाया है बसंत

महकती कलियों के लिए भोरो का ,
प्रेम संदेश लाया है बसंत .

पीले से मुख पर बसंती आभा
बिखेरता हुआ आया है बसंत .

किसानो के लिए फसलो की सोगात
लेकर आया है बसंत .

जीवन को जीवन देने ,
फ़िर से आया है बसंत .

और पढ़ते हुए बच्चो के लिए ,
देवी माँ सरस्वती का वरदान
लेकर आया है बसंत

23 टिप्पणियाँ:

वन्दना अवस्थी दुबे said...

बहुत सुन्दर एकदम बासन्ती हवा सी रचना. शुभकामनायें.

अमिताभ श्रीवास्तव said...

jab mata-pita ke saath rahate the tab basant panchami ka mazaa hi kuchh aour tha aour dekhiye..is mahanagriya life kao ki pataa hi nahi tha ki aaj basant panchami he, subah maataji ka phone aayaa tab pataa chala.../kher../
basant panchami ki aapko bahut si shubhkamnaye.. maa sarasvati aapki lekhani ko anvarat rakhe.

Apanatva said...

bahut khoobsoorat aaj basantpanchamee ke avsar par aapkee rachana ne char chand laga diye . Basanee -shubhkamnae.............

Karuna said...

Adarniya Shobhanaji
Aapko basant pachmi ki shubhkamnaye. Aur sankranti ki bhi. Til gud ghya ani god god bola.

Aaj subah se aapke blog ka anand utha rahi hoon. Bahut interesting collection hai.

Keep writing.

अर्चना तिवारी said...

वसंत पंचमी की हार्दिक शुभ कामनाएँ...इस अवसर की सुंदर कविता

मनोज कुमार said...

आपको वसंत पंचमी और सरस्वती पूजन की शुभकामनाये !

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर कविता, ओर चित्र भी बहुत सुंदर, ऎसा नजारा तो हमारे घर के पास से दिखता है .
बसंत पंचमी की शुभकामनाएं

sangeeta swarup said...

आपकी कविता ने बासंती छटा बिखेर दी...बहुत सुन्दर कविता. शुभकामनायें

Apanatva said...

ateet se rachana lagata hai aapse choot gayee......

Babli said...

आपको और आपके परिवार को वसंत पंचमी और सरस्वती पूजन की हार्दिक शुभकामनायें!
बहुत ही सुन्दर रचना लिखा है आपने!

दिगम्बर नासवा said...

और पढ़ते हुए बच्चो के लिए ,
देवी माँ सरस्वती का वरदान
लेकर आया है बसंत .....

बसंती झोंके की तरह आपकी रचना महका गयी .... आपको बसंत पंचमी की बहुत बहुत शुभकामनाएँ ...........

अजय कुमार said...

बसंत पर सुंदर अभिव्यक्ति

Devendra said...

सुंदर भाव.

सचमुच बसंत अनगिन सौगातें लेकर आता है मगर इस बार, हाड़ कंपा देने वाली ठंड में बसंत, अलाव के नीचे उपलों की राख के नीचे दबा कहीं सिसक रहा है.

KAVITA RAWAT said...

Basant ko bahut sundar varnan. Vasat vastav mein nayee saugate lekar aata hai...
Shubhkamnayen

नरेन्द्र व्यास said...

बहुत ही सुन्दर और सजीव चित्रण!

श्याम कोरी 'उदय' said...

... बेहद खूबसूरत रचना !!!!

प्रकाश पाखी said...

जीवन को जीवन देने ,
फ़िर से आया है बसंत .
बहुत अच्छा लगा...दार्शनिक अंदाज में कही गयी बात.

Dr. Smt. ajit gupta said...

बहुत खूब। बसन्‍त तो सारे ही गम भुलाकर मन में चहचहाट भर देता है।

निर्मला कपिला said...

बहुत सुन्दर सुन्दर उतसव पर सुन्दर रचना बधाई

लोकेन्द्र said...

वाह री बसंत फिर आ गई अपनी आभा के साथ.......
जिसमे आपने अपनी कविता के माध्यम से हम विद्यार्थियों को आशीर्वाद भी प्रदान कर दिया....

Kamlesh Kumar Diwan said...

basant par achchi kavitaon ke liye badhai

ज्योति सिंह said...

और पढ़ते हुए बच्चो के लिए ,
देवी माँ सरस्वती का वरदान
लेकर आया है बसंत .....
ye rachna to main chuk gayi rahi ,basant ke mausam se judi adbhut rachna .

Dr. Acharya said...

ज्वलंत समस्या
प्रिय मित्र ,
कृपया विचार दीजिए
हमारे देश की प्रमुख समस्या क्या है ?
देश का जनसँख्या विस्फोट
महिला उत्पीडन (घरेलु या कार्यस्थल)
देश मे व्याप्त भ्रष्टाचार
(क) राजनैतिक भ्रष्टाचार
(ख) जनसेवक भ्रष्टाचार
(ग) न्यायाधीश भ्रष्टाचार
(घ) अधिकारी गण भ्रष्टाचार
(डं) कर्मचारी गण भ्रष्ट्राचार
(च) आम जनता द्वारा भ्रष्टाचार
(4)दहेज़ (लेना,देना,)या दहेज़ हत्या
(5)कन्या भ्रूण हत्या
(6)ऐड्स
(7)हेपेटाइटिस
(8)स्वाइन फ्लू
(9) या कोई अन्य
कृपया
उपरोक्त मे से एक या अधिक जो भी आपके अनुसार प्रभावी हो
अपने विचार स्पष्ठ लिखने का कष्ठ करें !