Wednesday, December 16, 2015

mn ki bat

अतीत कितना खूबसूरत होता है ये हर लेखक या हर व्यक्ति महसूस करता है और अपनी अभिव्यक्ति अभिव्यक्त करता है अपने अपने माध्यम से ऐसा ही एक दौर ब्लॉग का हुआ करता था जब हम समाज ,घर ,आँगन अपने आसपास हुए रोजमर्रा के भावो  व्यक्त किया करते थे। साथ ही यात्रा  संस्मरण ,पारिवारिक संस्मरणों का आनंद लिया   करते थे। आज फेसबुजैसे माध्यम ने हमे सिर्फ राजनितिक हलचल तक सिमित कर मनभेद की ओर अग्रसर कर दिया है, और ब्लॉग लेखन अतीत हो गया है।

2 टिप्पणियाँ:

वन्दना अवस्थी दुबे said...

हां दीदी...मैं तो आजकल बस ब्लॉग पर ही टहलती हूं.

Kavita Rawat said...

फेसबुक अपनी जगह है ब्लॉग अपनी जगह। . लिखते रहिये ब्लॉग पर.